

महाराष्ट्र ग्रामीण कनेक्टिविटी उन्नयन परियोजना के लिए एडीबी की ओर से एडीबी इंडिया रेजिडेंट मिशन के डिप्टी कंट्री डायरेक्टर श्री सव्यसाची मित्रा ने हस्ताक्षर किए।
ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इससे ग्रामीण आजीविका के लिए अवसरों के सृजन तथा गरीबी को समाप्त करने में मदद मिलेगी। बाजारों से बेहतर संपर्क होने के कारण किसानों को अपनी आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
एडीबी के सव्यसाची ने कहा कि इस परियोजना से 2100 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का उन्नयन होगा। इससे ग्रामीण समुदायों का कृषि उत्पादन के बड़े क्षेत्रों और सामाजिक- आर्थिक केन्द्रों के साथ संपर्क बेहतर होगा।परियोजना के तहत पांच वर्षों का रख-रखाव भी शामिल है। ऋण में एक मिलियन डॉलर का अनुदान एमआरआरडीए को संस्थागत मजबूती प्रदान करने के लिए है।
]]>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन – इसरो लैंडर विक्रम को चांद की कक्षा से निकालकर चांद की सतह पर सहजता से उतारने के लिए पूरी तरह तैयार है। ये महत्वयपूर्ण और सबसे जटिल प्रक्रिया आज देर रात एक से दो बजे के बीच की जाएगी। इसरो के अध्यहक्ष डॉ के सिवन के अनुसार प्रक्रिया शुरू होने पर लैंडर विक्रम को चांद के दक्षिण ध्रुव पर उतरने में केवल १५ मिनट का समय लगने की उम्मीसद है।
इसरोकी वैज्ञानिकों ने बताया कि लैंडर को चांद की सतह पर उतारने में उसकी गति धीमी करने और उसे संतुलित करने के लिए पांच थ्रस्टकर लगाए गए हैं। उतरने के लगभग चार घंटे बाद लैंडर विक्रम से रोवर प्रज्ञान अलग होगा। रोवर चांद के बारे में महत्वसपूर्ण जानकारी भेजेगा।
लैंडर को चांद की कक्षा तक ले जाने वाला आर्बिटर एक वर्ष तक चांद की परिक्रमा करेगा। आर्बिटर और लैंडर के बीच आपस में संपर्क रहेगा तथा ये बेंगलुरू के पास ब्या लालू में इंडियन डीप स्पेास नेटवर्क के एंटीना से भी संपर्क साध सकेंगे। रोवर चांद की सतह से जानकारी इकट्ठा कर लैंडर तक पहुंचाएगा। फिर लैंडर अपनी तथा रोवर से मिली जानकारी धरती पर पहुंचाएगा।
आर्बिटर के मिशन का जीवनकाल एक वर्ष का है और लैंडर तथा रोवर एक चंद्रमा दिवस तक कार्य करेंगे जो धरती के १४ दिनों के बराबर है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्रथ मोदी आज रात बेंगलूरू पहुंचेंगे और इन गौरवशाली पलों के साक्षी बनेंगे। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए, १० अगस्त से २५ अगस्त, २०१९ तक MyGov.in के समन्वय में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस क्विज प्रतियोगिता में ५.८ लाख से अधिक छात्रों ने भाग ली थी। नीचे दी गई विजेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु में इसरो की कंट्रोल रूम पर बैठके चंद्रमा पर चंद्रयान -२ को उतरते हुए देखेंगे।
राष्ट्रींय क्विज प्रतियोगिता से चुने गए देशभर के 70 विद्यार्थी


इसरो बेंगलूरू में टेलीमेट्री, ट्रेकिंग और कमांड नेटवर्क के उपग्रह नियंत्रण केंद्र में वैज्ञानिक चंद्रयान- २ चांद की सतह पर उतरने की प्रक्रिया पर सक्रियता से काम कर रहे हैं। लैंडर विक्रम अभी चांद की अपेक्षित कक्षा में है। वे पूरी तरह आश्वेस्त हैं और चंद्रयान-२ को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।