उन्होंने स्पष्ट किया कि संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के तहत उच्च दंड के पीछे का उद्देश्य जान बचाना है न कि राजस्व सृजन के लिए। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस कदम का समर्थन किया है।
]]>इस अवसर पर सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह, सचिव श्री संजीव रंजन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष श्री एन.एन. सिन्हा और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
गडकरी जी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम २०१९ को लागू करने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन ६३ उपखंडों को नए नियमों के निर्धारण की आवश्यकता नहीं है, उन्हें कानून मंत्रालय के पास मूल्यांकन के लिए भेज दिया गया है। कानून मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर,इन उपखंडों को १ सितबंर से लागू किए जाने की संभावना है।
ये उपखंड जुर्माने, लाइसेंस, पंजीकरण, राष्ट्रीय परिवहन नीति आदि से संबंधित हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, २०१९ एक वास्तविकता बन गया है। यह देश को एक सुरक्षित और भ्रष्टाचार मुक्त सड़क परिवहन प्रणाली देने में काफी मददगार सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अधिनियम के तहत एक राष्ट्रीय परिवहन नीतिलाई जाएगी, जो देश में एक कुशल, बहुरूपीय परिवहन प्रणाली विकसित करने में मदद करेगी।
मोटर वाहन अधिनियम – २०१९ सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और घातक दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगा। यहाँ तक की मंत्रालय एनएचएआई द्वारा चिन्हित ७८६ दुर्घटना ब्लैक स्पॉट के सुधार की दिशा में १२,००० करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय, राज्य, जिला राजमार्गों आदि पर काले धब्बों के सुधार के लिए १४,००० करोड़ रुपये के एक अन्य कार्यक्रम के लिए विश्व बैंक और एडीबी के साथ बातचीत भी चल रही है।
फास्टैग्स इस साल दिसंबर से सभी वाहनों के लिए अनिवार्य हो जाएगा। अब तक ५२.५९ लाख फास्टैग्स जारी किए जा चुके हैं। एनएच टोल प्लाजाओं पर विक्रय केंद्रों, चयनित बैंक शाखाओंआदि जैसे विभिन्न चैनलों के माध्यम से २२ प्रमाणित बैंकों द्वारा फास्टैग्स जारी किए जा रहे हैं। ये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं। यह एक ‘बैंक-न्यूट्रल’ फास्टैग्स है।
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