बीते पाँच साल में देश में रिकॉर्ड 11 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण कराया जा सका। इसी का नतीजा है कि 2014 से पहले जहां ग्रामीण स्वच्छता का दायरा 40 प्रतिशत से भी कम था, आज वो बढ़कर करीब-करीब 100 प्रतिशत पहुंच रहा है। भारत के गरीब लोगों और महिलाओं को इससे सबसे अधिक फायदा मिला। बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की एक रिपोर्ट में भी आया है कि भारत में Rural Sanitation बढ़ने से बच्चों में Heart Problem कम हुई हैं और महिलाओं के Body Mass Index में भी सुधार आया है।

साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा उठाया गए विभिन्न अभियान के बारे में भी बताया। फिट इंडिया मूवमेंट के जरिए स्वास्थ्य और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देने का अभियान चल रहा है। 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। National Nutrition Mission से अनीमिया और Stunting जैसी समस्या से भी भारत बहुत तेजी से काबू पाने वाला है। जल जीवन मिशन के तहत हमारा फोकस Water conservation और Recycling पर है, ताकि हर भारतीय को पर्याप्त और साफ पानी मिलता रहे। भारत ने साल 2022 तक सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति का अभियान भी चलाया है।
प्रधान मंत्री ने कहा, अभियान ने न केवल करोड़ों भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाया है, बल्कि इसने संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2 अक्टूबर, 2014 को अपने पहले कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया था।
]]>



· कौशलाचार्य पुरस्कार समारोह प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा।
स्किल इंडिया मिशन के लिए प्रशिक्षकों को प्रोत्साहन देने के अंतर्गत कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने आज कौशलाचार्य समादर 2019 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। विश्व कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं समेत 53 प्रशिक्षकों को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। इन पुरस्कार विजेताओं में कजान, रूस में आयोजित वर्ल्ड स्किल 2019 प्रतिस्पर्धा के 19 विजेता, एनएसटीआई/आईटीआई के 15 कौशल प्रशिक्षक एडोब, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, मारूति, ओएनजीसी, भेल, बॉश, एईजिस के 9 कॉरपोरेट प्रशिक्षक तथा जेएसएस के 10 प्रशिक्षक शामिल हैं।


मंत्रालय ने घोषणा करते हुए कहा कि कौशलाचार्य पुरस्कार प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा। इससे कौशल प्रशिक्षकों के योगदान को पहचान मिलेगी। अनुमान है कि 2022 तक भारत में 2.5 लाख प्रशिक्षकों की आवश्यकता होगी। प्रशिक्षकों को और भी बेहतर बनाने के लिए एनआईएमआई, एनएसटीआई, केंद्रीय कर्मचारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (सीएसटीआरआई) जैसे संगठन साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।
]]>
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल सरकारी अभियान ही नहीं बल्कि हर भारतीय का अभियान बन गया है। सभी ने स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी के रूप में लिया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित सतत विकास लक्ष्य 2030 तक अर्जित करने हैं लेकिन भारत 11 साल पहले ही इन स्वच्छता लक्ष्यों को अर्जित करने के लिए तैयार है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि देश का हर नागरिक इस उपलब्धि के लिए प्रशंसा का पात्र है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता का दायरा बढ़ाने का प्रयास तेज़ करने के लिये दो अक्तूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया था। इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि के लिये स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जाना है।

उन्होंने ये भी कहा कि हमें स्वच्छता के व्यापक अर्थ को अपनाते हुए आगे बढ़ना है। उदाहरण के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना भी स्वच्छता के दायरे में आता है। स्वच्छता भारत सरकार द्वारा इस साल शुरू किए गए जन जीवन मिशन की सफलता की आवयश्यक शर्त है।
]]>द्रोर्णाचार्य पुरस्कार प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक विजेता तैयार करने वाले कोच को प्रदान किया जाता है। खेलों के विकास में जीवन पर्यन्त योगदान देने के लिए ध्यानचंद पुरस्कार दिया जाता है। हर साल की तरह राष्ट्रीय खेल पुरस्कार-२०१९ की घोषणा के अनुसार बजरंग पुनिया और दीपा मलिक को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दिया जाएगा। इस खुशी के पल में बजरंग पुनियाने अपने ट्वीट में कहा है,मैं आप सभी को तह -ए-दिल से धन्यवाद करता हूँ । मैं अपने आप को बहुत भाग्यशाली मानता हूँ। जो लगातार आप सभी ने मुझे प्यार और समर्थन दिया है ।इस उपलब्धि का हक़दार हर वो इंसान है जिस ने इस सपने को साकार करने के लिए अपना योगदान दिया है -जय हिंद । उन्होंने इसके लिए हर भारतीय निवासी को धन्यवाद दिया है]]>