इस आयोजन में आईबीएम की अध्यक्ष एवं सीईओ गिन्नी रोमेटी, वालमॉर्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ डगलस मैकमिलन, कोका कोला के चेयरमैन एवं सीईओ जेम्स क्विनसी, लॉकहीड मॉर्टिन की सीईओ मॉर्लिन ह्यूसन, जेपी मोर्गन के चेयरमैन एवं सीईओ जेमी डिमोन, अमेरिकन टॉवर कार्पोरेशन के सीईओ एवं भारत-अमेरिका सीईओ मंच के उपाध्यक्ष जेम्स डी. टेसलेट और एप्पल, गूगल, वीसा, मास्टरकार्ड, 3एम, वारबर्ग पिनकस, एईसीओएम, रेथियोन, बैंक ऑफ अमेरिका, पेप्सी जैसी कंपनियों के सीनियर एक्जीक्यूटिव भी शामिल हुए।
इन सीईओ ने भारत में अपनी विशिष्ट योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी भी दी और कौशल विकास, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, समावेशी विकास, हरित ऊर्जा और वित्तीय समावेश की दिशा भारत के प्रयासों में मदद देने के लिए अपनी सिफारिशें भी सामने रखीं।
सीईओ की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने निरंतर राजनीतिक स्थिरता, नीतियों के पूर्वानुमान और विकास एवं उन्नति परक नीतियों पर जोर दिया। उन्होंने पर्यटन, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और अपशिष्ट प्रबंधन और किसानों एवं कृषि के लिए अधिक अवसर पैदा करने वाले एमएसएमई व्यवसाय को बढ़ाने की पहल के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कंपनियों से न केवल भारत, बल्कि दुनिया के लिए समाधान खोजने को अन्य देशों के साथ साझेदारी में स्टार्टअप इंडिया नवाचार प्लेटफार्मों का लाभ उठाने का आग्रह किया। इसमें पोषण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री ने 42 से अधिक व्यापारिक प्रतिनिधियों और अमरीका के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विशेष रूप से भारत द्वारा पचास खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की जानकारी दी गई और इसे जानकर विश्व का व्यावसायिक समुदाय उत्साहित दिखा।
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प्रधानमंत्री को मिले ये उपहार अभी राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा में प्रदर्शित किये गये हैं। इनमें भारत की विविधता के प्रतीक 576 शॉल, 964 अंगवस्त्रम्, 88 पगड़ी और विभिन्न जैकेट हैं।

इस अवसर पर पटेल ने कहा कि सरकार नमामि गंगे परियोजना में योगदान देने के लिए 20 शीर्ष बोली लगाने वालों को प्रशंसा पत्र भेजेगी। उपहारों की नीलामी ऑनलाइन पोर्टल www.pmmementos.gov.in पर तीन अक्तूबर तक चलेगी।

इस वर्ष जनवरी में हुई नीलामी में प्रधानमंत्री के मिले एक हज़ार आठ सौ से अधिक उपहारों की बिक्री हुई थी। चार हज़ार से अधिक बोली लगाने वालों ने इस नीलामी में हिस्सा लिया था। प्राप्त राशि नमामि गंगे परियोजना के लिये दे दी गयी थी।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत प्रभावी योगदान देने के लिए तत्पर है क्योंकि हम दो वर्ष के कार्यकाल के लिए सह-अध्यक्ष का पदभार संभाल रहे हैं। सदियों से हमने भूमि को महत्व दिया है। भारतीय संस्कृति में पृथ्वी को पवित्र माना गया है और मां का दर्जा दिया गया है।
आप यह जानकार चौंक जायेंगे कि मरूस्थलीकरण से दुनिया के दो-तिहाई से भी ज्यादा देश प्रभावित हैं। यह दुनिया के सामने आ रहे जल संकट से निपटने की कार्रवाई के साथ-साथ भूमि के बारे में भी कार्रवाई करने के लिए एक महत्वपूर्ण मामला बन जाता है। जब हम बंजर भूमि का समाधान खोजते हैं तो हमें जल संकट के मुद्दे से भी निपटना होगा। पानी की अधिक आपूर्ति, जल के पुनर्भरण में बढोत्तरी, पानी कम बहना और भूमि में नमी बनी रहने जैसे उपाय समग्र भूमि और जल रणनीति के हिस्से हैं। मैं वैश्विक जल यूएनसीसीडी के नेतृत्व से ग्लोबर वाटर एक्शन एजेंड़ा बनाने का आह्वान करता हूं जो भूमि के बंजर होने की रोकथाम की रणनीति का केन्द्र बिन्दु है।
भारत अपने पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाने में समर्थ हुआ है। 2015-17 के बीच भारत का वन क्षेत्र 0.8 मिलियन हैक्टेयर बड़ा है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने विभिन्न प्रयासों के द्वारा फसल उपज बढ़ाकर किसानों की आय दोगुनी करने का भी कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें भूमि को खेती योग्य बनाना और सूक्ष्म सिंचाई शामिल है। हम प्रति बूंद अधिक फसल मोटो के साथ काम कर रहे हैं।साथ ही साथ सरकार ने जैव उर्वरकों का उपयोग बढ़ाया है और कीटनाशकों तथा रसायनिक उर्वरकों का उपयोग कम किया है। कुल मिलाकर जल संबंधित मुख्य मुद्दों के समाधान के लिए जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। भारत आने वाले वर्षों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा देगा।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक भूमि एजेंडा में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि मैं उन देशों को भारत की सहायता का प्रस्ताव करता हूं जो एलडीएन रणनीतियों को समझना और अपनाना चाहते हैं। मैं इस मंच से यह घोषणा करना चाहता हूं कि भारत अपने कुल क्षेत्र की महत्वकांक्षाओं को बढ़ायेगा और अब से 2030 के बीच 21 मिलियन हैक्टेयर से 26 मिलियन हैक्टेयर तक अपनी बंजर भूमि को खेती योग्य बनायेगा।
उन्होंने कहा कि बंजर भूमि के बारे में एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और प्रौद्योगिकी शामिल करने के लिए हमने भारतीय व अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद में एक उत्कष्टता केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे बंजर भूमि से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए ज्ञान, प्रौद्योगिकी और जनशक्ति प्रशिक्षण की इच्छा रखने वालों के लिए दक्षिण-दक्षिण सहयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने अपने भाषण का ‘ओम्द्यौ:शांति: अन्तरिक्षंशान्ति:’ कहकर समाप्त किया। शांति शब्द का अर्थ केवल अमन ही नहीं, या हिंसा प्रतिकार होना ही नहीं है। यहां यह संमृद्धि का संदर्भ देती है। हर चीज का एक उद्देश्य होता है और हर किसी को वह उद्देश्य पूरा करना होता है। इस उद्देश्य की पूर्ति भी समृद्धि होती है। इसलिए यह कहा जाता है कि आकाश, स्वर्ग और अंतरिक्ष की समृद्धि हो सकती है।
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मुम्बई से प्रधानमंत्री औरंगाबाद पहुंचे। आज औरंगाबाद के विकास से जुड़ी एक अहम इमारत का उद्घाटन किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा औरंगाबाद इंडस्ट्रियल सिटी की सिग्नेचर बिल्डिंग अब सेवा के लिए तैयार है। नए औरंगाबाद शहर की ये महत्वपूर्ण इमारत होगी। इस इमारत से पूरे औद्योगिक शहर की अनेक व्यवस्थाओं का संचालन होगा। प्रधानमंत्री स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को भी सम्बोधित किया।
स्मार्ट सिटी के साथ साथ औरंगाबाद देश की औद्योगिक गतिविधियों का भी बड़ा सेंटर होने वाला है। दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर का भी ये एक अहम हिस्सा है। मोदीजी ने बतया उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन देने का जो संकल्प सर्कार ने लिया था, वो सिद्ध हुआ है। सिर्फ सिद्ध ही नहीं हुआ बल्कि तय समय से 7 महीने पहले ही लक्ष्य को हमने पा लिया है। उन्होंने कहा इन 8 करोड़ कनेक्शन में से करीब 44 लाख अकेले महाराष्ट्र में दिए गए हैं। इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री ने सभी को तथा देश की हर तमाम बहन को जिसको धुएं से मुक्ति मिली है, उनके लिये बहुत-बहुत शुभकामनाएं भी दि।

सरकार बनने के 100 दिन के भीतर ये काम पूरा हो ने के लिए उन्होंने ख़ुशी भी जतायें। साथ ही साथ उन्होंने बताया 2022 तक हर गरीब को पक्की छत देने के लक्ष्य की तरफ तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं सरकार । अब तक देश के गांवों और शहरों में लगभग 1 करोड़ 80 लाख घर बन चुके हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी पशु विज्ञान एवं आरोग्य मेले में भी शामिल होंगे तथा बाबूगढ़ सेक्स सीमेन सुविधा और देश के सभी 687 जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों में कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला का विषय है- टीकाकरण और रोग नियंत्रण, कृत्रिम गर्भाधान एवं उत्पादकता आदि।
खुरपका और मुंहपका रोग तथा ब्रुसेलोसिस के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम का शत प्रतिशत वित्त पोषण केंद्र सरकार करेगी। इस में 2019 से 2024 के लिए 12,652 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य टीकाकरण के माध्यम से खुरपका और मुंहपका रोग तथा ब्रुसेलोसिस को 2025 तक नियंत्रित करना तथा 2030 तक पूरी तरह समाप्त करना है।
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मोदी आज से व्लादिवोस्तोक में आरंभ हो रही पांचवी पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेंगे। वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बींसवी भारत रूस वार्षिक शिखर बैठक में भी हिस्सा लेंगे। अपने अनेक ट्वीट में श्री मोदी ने कहा कि वे राष्ट्रपति पुतिन के साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत का इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी रूस यात्रा दोनों देशों के आपसी संबंधों का विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार और उन्हें और मजबूत करने की इच्छा की परिचायक है।



