रेल मंत्रालय इन लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी निर्दिष्ट करेगा। रेल मंत्रालय इसके अलावा टिकटों की बिक्री; रेलवे स्टेशनों एवं रेल प्लेटफॉर्मों पर तथा ट्रेनों के भीतर सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने और अन्य सुरक्षा उपायों पर अमल के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी करेगा।
]]>इस एलएसएलआरडी में ओवरहैड बिजली सप्लाई को इस्तेमाल करने की क्षमता होगी, जिससे पूरी गाड़ी को बिजली मिलेगी। इसके अलावा इसमें लगेज गार्ड रूम और अतिरिक्त यात्रियों के लिए भी जगह होगी। इस समय 36 रुपये प्रति यूनिट बिजली खर्च आता है तथा एचओजी से यह खर्च 6 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगा।
विवरण की जानकारी देते हुए रोलिंग स्टॉक सदस्य राजेश अग्रवाल ने कहा कि साल भर में सभी एलएचबी गाडि़यों को एचओजी प्रणाली में बदलने की योजना है। अब तक 342 गाडि़यों को एचओजी में बदला जा चुका है, जिसके कारण प्रति वर्ष लगभग 800 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।
वर्ष 2017 में एलएचबी प्रौद्योगिकी को अपनाने का निर्णय किया गया था। इस निर्णय के बाद एचओजी परिवर्तन को अपनाने का काम अभियान स्तर पर शुरू किया गया। इसके तहत सभी कारों और कोचों की बिजली आपूर्ति प्रणाली में परिवर्तन किया गया। प्रणाली परिवर्तन का काम जोनल रेलवे के सुपुर्द किया गया है। इससे स्टेशनों पर यात्रियों को शोर मुक्त और प्रदूषण मुक्त वातावरण मिलेगा।
हैड ऑन जेनरेशन प्रणाली का परिचय :
एचओजी प्रणाली के अंतर्गत गाडि़यों में प्रकाश, वातानुकूलन, पंखें और अन्य यात्री सुविधाओं के लिए बिजली आपूर्ति की जाती है। विश्वभर में रेलवे इसी प्रणाली का इस्तेमाल करती है। इस प्रणाली के तहत बिजली इंजन से प्राप्त की जाती है और बिजली उत्पादन करने के उपकरणों तथा डीजल इंजनों का इस्तेमाल नगण्य हो जाता है।
एचओजी प्रणाली के लाभ
| रुपये (करोड़ में) | |
| चालू परिवर्तन प्रक्रिया में वार्षिक बचत | 759 |
| एचओजी परिवर्तन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद कुल बचत | 1390 |
यह उपकरण विमानों में लगने वाले ब्लैक बॉक्स की तरह है। ट्रेन इंजन में लगने वाले इस उपकरण में माइक्रोफोन व ऑडियो वीडियो रिकॉर्डर लगा होगा। इसके जरिए लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) व सह लोको पायलटों की बातचीत ट्रेन संचालन के दौरान रिकॉर्ड की जाएगी। इंजन के बाहर लगा कैमरा लोको कैब से दिखाई देने वाले बाहरी दृश्यों को भी रिकॉर्ड करेगा। ट्रैक पर घटना के बाद विश्लेषण करने में यह उपकरण काफी मददगार साबित होगा।
इस उपकरण में एक कैमरा व माइक्रोफोन लगा है जो लोको कैब के भीतरी हिस्से में होगा। दूसरा कैमरा इंजन के बाहर लगा है, जो लोको कैब से दिखने वाले बाहरी दृश्यों को सुरक्षित रखेगा। एलसीवीआर रात में भी काम करने वाले कैमरे और माइक्रोफोन से लैस है। डाटा स्टोर करने के लिए डिजिटल मेमोरी उपकरण में लगा होगा।
दुर्घटना के मामले में आवश्यकता पड़ने पर विश्लेषण के लिए विमान के ब्लैक बॉक्स की तरह ही काम करेगा। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण के लिए 32 लोकोमोटिव इंजन को एलसीवीआर से लैस कर दिया गया है। इनमें 25 डीजल व 7 इलेक्ट्रिक इंजन शामिल हैं।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस योजना को समझाते हुए एक विडियो शेयर किया, जिसके जरिए बेहद आसान तरीके से इस नियम को समझाया गया है। रेल मंत्री ने लिखा, रेलवे ने विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य किया है। ट्रेन अथवा रेलवे प्लेटफॉर्म पर यदि कोई विक्रेता आपको बिल देने से इंकार करता है तो आपको उसे पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।
बता दें कि आए दिन रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में वेंडरों की मनमानी की शिकायतें मिलती थीं। आमतौर पर वेंडर पानी की बोतलों की कीमत से ज्यादा पैसे वसूलते थे और खाद्य सामग्री को लेकर कई जगह कोई फिक्स कीमत नहीं होती थी। हालांकि रेलवे की सख्ती के बाद अब वेंडरों को 5 रुपए की चीज का भी बिल देना पड़ेगा और पारदर्शिता आएगी।
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