इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि स्कूलों में ही चरित्र निर्माण का आधार बनता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए शिक्षक अभिभावक के समान होते हैं। राष्ट्रपति ने शिक्षकों से उनकी बुनियादी जिम्मेदारियां समझने को भी कहा।
डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बारे में राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि राधाकृष्णन न केवल एक महान दार्शनिक, राजनीतिज्ञ और लेखक थे, बल्कि एक विलक्षण शिक्षक भी थे
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