सीएसएमसी में कुल दस राज्यों ने भागीदारी की। इनमें 27,746 मकान पश्चिम बंगाल के लिए, तमिलनाडु के लिए 26,709, गुजरात के लिए 20,903, पंजाब के लिए 10,332, छत्तीसगढ़ के लिए 10,079, झारखंड के लिए 8,674, मध्य प्रदेश के लिए 8,314, कर्नाटक के लिए 5,021, राजस्थान के लिए 2,822, उत्तराखंड के लिए 2,501 मकान हैं।
अभी तक 5.54 लाख करोड़ रुपये के समग्र निवेश को मंजूरी दी गई है, जिसमें केन्द्र और राज्य सरकारों का निवेश हिस्सा 3.01 लाख करोड़ रुपये और 2.53 लाख करोड़ रुपये निजी निवेश है।
केन्द्र सरकार ने 1.43 लाख करोड़ रुपये देने का वचन दिया है, जिसमें से 57,758 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। लगभग 53.5 लाख मकान बनाए जाने हैं, जिनमें से 27 लाख मकान पूरे कर लिए गए हैं। आवास और शहरी कार्य सचिव श्री दुर्गाशंकर मिश्र ने 2022 तक सभी के लिए घर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परियोजनाएं पूरी करने की दिशा में प्रयास करने पर बल दिया है।
]]>हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय से चुने गए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी रामा सुब्रह्मण्यन, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी, राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एस रवीन्द्र भट और केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ह्रिशिकेश रॉय को उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया है। इस चार नियुक्तियों पर कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा चार अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की गई हैं।
भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 अगस्त को इन नियुक्तियों का नाम सिफारिश किया था। संसद ने हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 31 से बढ़ाकर 34 कर दी थी।
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