दिल्ली सरकार राजधानी में रहने वाली महिलाओं को बड़ी सौगात देने जा रही है।
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दिल्ली में मेट्रो और बसों में महिलाओं को फ्री-यात्रा की सुविधा देने की योजना इन दिनों चर्चाओं का विषय बनी हुई है। दिल्ली सरकार इस योजना को अंतिम रूप देने में जुटी है। इस कदम का उद्देश्य महिलाओं को सार्वजनिक वाहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना है। दिल्ली सरकार का यह कदम आने वाले विधानसभा चुनाव में मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है? क्या सस्ती बिजली और मुफ्त पानी जैसी स्कीमों की तरह इसे भी सफलतापूर्वक लागू किया जायेगा?
अगर देखा जाये तो भारतीय लोकतंत्र व्यवस्था में महिला-पुरूषों को समान अधिकार दिलाने के लिए नए-नए कानून बनाए जाते रहे है। खेल, राजनीति, विज्ञान, सिनेमाजगत इत्यादि अनेक क्षेत्रों में महिला-पुरूषों से आगे निकल गई है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार महिलाओं को पूरे साल मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सौगात देगी। इसके लिए महिलाओं को मुफ्त मेट्रो कार्ड जारी हो सकते हैं। लेकिन इस मेट्रो कार्ड का दुरुपयोग नहीं हो सके, इसका भी पुख्ता इंतजाम होगा।
वहीं दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री ने परिवहन विभाग और दिल्ली मेट्रो को इस पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 21 आयु वर्ग तक के छात्र-छात्राओं को भी बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात देने की योजना पर भी सरकार काम कर रही है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि जो महिलाएं अपना पैसा दे सकती हैं वह अपना किराया दे देंगी। उन्होंने कहा कि हम इस योजना पर काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि इसे अगले दो-तीन महीने में लागू कर दिया जाएगा, इसके लिए हमने दिल्ली की जनता से भी सुझाव मांगे हैं कि इस योजना को कैसे लागू किया जाए। उनका कहना है कि एनसीआर की महिलाओं को इस योजना का फायदा मिले या नहीं इस पर भी सुझाव मांगे गए हैं।

कुल सवारियों में महिलाओं की संख्या करीब 33 प्रतिशत होती है। ऐसे में योजना के लागू होने पर रोजाना करीब 33 प्रतिशत महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। बसों में सफर करने वाली महिलाओं की संख्या भी करीब इतनी ही है।
गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन 28 लाख यात्री ट्रेवल करते है। लेकिन मेट्रो का किराया बढ़ने के बाद वर्तमान में 25 लाख यात्री ट्रेवल कर रहे हैं। 25 लाख में 30 प्रतिशत यानी 8 लाख महिलाएं हैं। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह है कि मेट्रो इन यात्रियों को बेहतर सुविधा दें। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली सरकार को सभी महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने पर 1200 से लेकर 1300 करोड़ रूपए सब्सिडी के तौर पर खर्च करनी पड़ सकती है।
आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) से इस योजना को लागू करने के तकनीकी पहलुओं पर काम करने को कहा गया है। दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार, डीएमआरसी से यह योजना लागू करने का तरीका भी पूछा गया है।
इस योजना के दूसरे पहलू को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। वहीं अगर महिलाओं को मेट्रो और बसों में फ्री-यात्रा की सुविधा मिलेगी, तो बसों में दूसरे लोगों का सफर करना मुश्किल हो सकता है। ज्यादातर देखा गया है कि मेट्रो, बसों में महिलाओं की आरक्षित सीट पर कोई पुरूष या अन्य बैठा हो तो उसे तुरंत उठा दिया जाता है। अब जब इस तरह की योजना भविष्य में लागू हो जाती है तो मेट्रो-बसों में सिर्फ महिलाएं ही दिखाई देगी और पुरूषों के लिए सफर करना बेहद कठिन हो जाएगा।
आज डीएमआरसी दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में 373 किलोमीटर तक फैल चुकी है। तब इस योजना में दिल्ली-एनसीआर की सभी महिलाओं को लाभ मिलना तय है। अर्थात् जो महिलाएं गरीब, असहाय होगीं वह भी फ्री आवाजाही के चलते मेट्रो या बसों का सफर जरूरी करेंगी। इस स्थिति से जूझने के लिए मेट्रो को पर्याप्त महिला स्टाफ रखने की आवश्यकता पड़ेगी, ठीक ऐसा ही डीटीसी बसों के लिये भी करना अनिवार्य होगा। दिल्ली सरकार आगमी विधानसभा चुनाव में इसे मुद्दा जरूर बनाएगी।


