स्वामी विवेकानंद सदैव युवा शक्ति के प्रेरणा स्रोत रहे हैं।उन्होंने कहा है की मुझे कुछ साहसी और ऊर्जावान युवा पुरुष मिल जाए, तो मैं देशभर में क्रांति ला सकता हूं
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स्वतंत्रता के बाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और कर्तव्यों से युवा ऊर्जावान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा युवाओं को आगे बढ़ाने और उन पर सदैव भरोसा करने वाली नीतियां बनाते आए हैंl और हमेशा युवाओं पर भरोसा किया हैl स्वतंत्रता संग्राम में भी मंगल पांडे ,लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल, खुदीराम बोस आदि युवाओं ने अपना सब कुछ न्योछावर कर देश को आजादी दिलाई थीl स्वतंत्रता के बाद भी भारत पर पाकिस्तान और चीन ने अनावश्यक आक्रमण कर भारत पर मानसिक दबाव डालना चाहा,पर भारत के नौजवान सैनिकों ने जिस साहस और वीरता के साथ सामना कर विजय प्राप्त की थी वह अत्यंत प्रशंसनीय एवं आदर्श का कार्य है।
कारगिल युद्ध में भी भारत के नौजवान अधिकारी, सैनिकों ने पाकिस्तान को हराकर एक विजय गाथा लिखी थी। भारत के युवा गौरव की विजय गाथा किसी से छुपी नहीं है। भारत के युवा लोगों ने बुजुर्ग विद्वानों, दार्शनिकों और वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में देश भक्ति के अलावा अध्यात्म, धर्म,साहित्य, विज्ञान,कृषि तथा उद्योगों में पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन किया है। भारत के युवाओं ने यूरोप में अपने परिश्रम और लगन इमानदारी से अपना परचम फैलाया है। मैक्स मूलर ने ली भारत की युवा शक्ति की सराहना करते हैं भारत को एक युवा इस निरूपित कर भविष्य की असीम संभावनाओं की ओर इंगित किया है।

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भारत एक युवा राष्ट्र है ।और उसमें असीम संभावनाएं अंतर्निहित हैं ।वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा शक्ति को चिन्हित कर सभी युवाओं का आह्वान कर युवा शक्ति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। और यही कारण है की युवा शक्ति के साहस और संकल्प में जापान ओलंपिक 2020 में 7 मेडल लाकर एक इतिहास रचा है। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने भी लिखा है कि देखो हमारा विश्व में कोई नहीं उपमान था,नरदेव थे हम और भारत देवलोक के समान था”
भारत की महान उपलब्धियों में देश की युवा शक्ति का बहुत बड़ा योगदान है। आज आई, आई, एम, आई,आई,टी, ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट तथा देश के अन्य शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े छात्र छात्राओं के शोध और अविष्कार के चलते भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवा सोच और दृढ़ संकल्प लें भारत के युवाओं में एक ऊर्जा प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान किया है।
यह अलग मुद्दा है कि स्वतंत्रता के बाद हमारी शिक्षा नीति ने लाखों बेरोजगार लोगों को जन्म दिया है । बेरोजगारी के दंश ने युवा शक्ति को काफी पीछे धकेल दिया है। पर नई शिक्षा नीति के आने से युवा अपने रोजगार तलाशने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। भारत की विशाल जनसंख्या एक बड़ा रुकावट का कारण भी है। और यदि युवा संकल्प लें तो अपना निजी उद्योग और निजी व्यवसाय कर के भारत राष्ट्र को एक नई दिशा तथा सन्मार्ग प्रदान कर सकते हैं। 1979 में जयप्रकाश नारायण ने युवा शक्ति को लेकर एक बड़ा आंदोलन चलाया था।

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और बिहार में सत्ता परिवर्तन की हुआ था। हरिवंश राय बच्चन ने भी अपनी कविताओं में युवाओं को समझाइश दी थी, युग का युवा मत देख दाएं बाएं, झांक मत बगले, अगर कुछ देखना है, देखअपने वे वृषभ कंधे, जिन्हें देता चुनौती, सामने तेरे खड़ा है युग का जुआ। (यहां जुआ उस लकड़ी को कहते हैं जो हल चलाने के दौरान बैलों के कंधों पर रखी जाती है) सच में देश का युवा वर्ग जाग जाए और रचनात्मक कार्यों में जुड़ जाए तो देश को समृद्ध उन्नत होने से कोई नहीं रोक सकता।
हमें और हमारे युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और विवेकानंद से सीख लेकर भारत को एक नए युग की ओर ले जाना चाहिए। क्योंकि भारत का 60% युवा इस देश में युग परिवर्तन और भारत की दशा और दिशा को अभिप्रेरित कर सकता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा है कि खुद वो बदलाव बनिए, जो दुनिया में आप में देखना चाहतें है।


