रवि कुमार शुक्ला के साथ केआरसी टाइम्स हिंदी समाचार पॉडकास्ट सुनें
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केंद्रीय वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सीओपी 27, इजिप्ट में मैंग्रोव अलायंस ऑफ क्लाइमेट (एमएसी) के शुभारम्भ के अवसर पर संबोधित किया। भूपेंद्र यादव ने मैंग्रोव अलायंस फॉर क्लाइमेट (एमएसी) के शुभारम्भ के अवसर पर अपने विचार रखे। यह कार्यक्रम शर्म-अल-शेख, इजिप्ट में हो रहे सीओपी27 से आयोजित किया गया था।मैंग्रोव दुनिया के सबसे अधिक उत्पादक इकोसिस्टम में से एक हैं। यह ज्वारीय जंगल कई जीवों के लिए एक नर्सरी ग्राउंड के रूप में काम करता है, तटीय क्षरण से सुरक्षा देता है, कार्बन को अलग करता है और लाखों लोगों को आजीविका प्रदान करता है। इसके अलावा यह जीव जंतुओं के लिए आश्रय स्थल के रूप में काम करता है।
मैंग्रोव दुनिया के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र में फैले हुए हैं और 123 देशों में पाए जाते हैं। मैंग्रोव की बहाली में भारत का व्यापक अनुभव वैश्विक ज्ञान आधार में अंशदान करेगा।भारत अतिरिक्त वन और वृक्षों के माध्यम से 2030 तक 2.5 से 3 अरब टन सीओ2 के अतिरिक्त कार्बन सिंक को तैयार करने के अपने एनडीसी के लिए प्रतिबद्ध है।

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भारत सरकार ने जम्मू और कश्मीर के कई सरकारी अस्पतालों को डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल की 265 सीटें प्रदान किया । चरण 1 के तहत 20 जिलों में पीजी की 250 सीटें आवंटित किया गया। सेवारत स्थानीय डॉक्टरों के पोस्टग्रेजुएट (पीजी) प्रशिक्षण के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित है वहीं, दूसरे चरण के तहत पीजी की और सीटें जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा पीजी की 50 फीसदी सीटें सेवारत स्थानीय डॉक्टरों के लिए आरक्षित हैं, जिससे उन्हें पीजी प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया जा सके।

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आयकर विभाग द्वारा दिनांक 04.11.2022 को कोयला व्यापार/परिवहन, सिविल अनुबंधों के निष्पादन, लौह अयस्क का खनन और स्पंज आयरन के उत्पादन में लगे कुछ व्यावसायिक समूहों पर तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई शुरू की गई थी। जिनकी तलाशी ली गयी, उनमें राजनीतिक रूप से सक्रिय दो व्यक्ति और उनके सहयोगी शामिल हैं। रांची, गोड्डा, बेरमो, दुमका, जमशेदपुर, चाईबासा, पटना, गुरुग्राम और कोलकाता स्थित 50 से अधिक परिसरों में तलाशी ली गई।
तलाशी अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। इन साक्ष्यों के प्रारंभिक विश्लेषण से संकेत मिलता है कि इन समूहों ने कर चोरी के विभिन्न तरीकों का सहारा लिया है, जिनमें व्यय को बढ़ाकर दिखाना, नकद में ऋण का लेनदेन, नकद में भुगतान / प्राप्तियां और ब्यौरा छिपाना शामिल हैं। तलाशी के दौरान यह भी पता चला है कि अचल संपत्तियों में निवेश किया गया है, जिनके स्रोत के बारे में पूरी तरह से जानकारी नहीं दी गयी है।
तलाशी अभियान से यह भी पता चला कि सिविल ठेके का कार्य कर रहा एक समूह नियमित खातों का रखरखाव नहीं कर रहा था। समूह कच्चे माल/उप-अनुबंध व्यय के गैर-वास्तविक लेनदेन को वर्ष के अंत में एकमुश्त व्यय दिखाकर अपने खर्चों को बढ़ाकर दर्ज कर रहा था। जब्त किए गए साक्ष्य यह भी बताते हैं कि अनुबंधों को हासिल करने के लिए नकद में अनुचित भुगतान किया गया है।

कोयला व्यापार/लौह अयस्क की निकासी आदि के काम में लगे दूसरे समूह के मामले में, बहुत अधिक कीमत के लौह अयस्क का बिना हिसाब वाला स्टॉक पाया गया है, जिसकी मात्रा अभी निर्धारित नहीं की जा सकी है। उक्त समूह ने मुखौटा कंपनियों के माध्यम से लेन-देन का जाल बिछाकर अपने बिना हिसाब वाले धन को असुरक्षित ऋण और शेयर पूंजी में निवेश किया है। इस समूह से जुड़े पेशेवर कर्मचारियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने किसी भी सहायक दस्तावेज का सत्यापन नहीं किया था और बिना उचित जांच के समूह के लेखाकार द्वारा तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए थे।तलाशी के दौरान 2 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित नकदी बरामद हुई है। कुल 16 बैंक लॉकरों पर रोक लगा दी गई है। अब तक की तलाशी में 100 करोड़ रुपये से अधिक के बिना हिसाब वाले लेनदेन/निवेश का पता चला है।
आगे की जांच जारी है।

खनिज अन्वेषण के लिये 13 निजी एजेंसियों को मान्यता वर्ष 2021 में खान एवं खनिज (विकास और नियमन) अधिनियम में हुये संशोधन के आधार पर खनिज सेक्टर में अन्वेषण करने के लिये क्यूसीआई-नेबैट द्वारा प्रत्ययन मिलने के बाद अब निजी एजेंसियों की भागीदारी भी संभव हो जायेगी। अब तक 13 निजी एजेंसियों को मान्यता दी जा चुकी है और केंद्र सरकार ने इसे अधिसूचित भी कर दिया है। खनिज अन्वेषण में संलग्न सरकारी एजेंसियों की कुल संख्या 22 हो गई है।
मिनिरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) कंपनी, एनएमईटी वित्तपोषण के जरिये खनिज अन्वेषण गतिविधियां चला रही है। मौजूदा अन्वेषण कामों के अलावा, एमईसीएल राज्य डीजीएम/डीएमजी को सलाहकार सेवायें दे रहा है, ताकि कार्रवाई योग्य ब्लॉकों के लिये रिपोर्ट तथा अन्य दस्तावेज तैयार किये जा सकें। एमईसीएल, राजस्थान के पश्चिमी भू-भाग में पोटाश भंडार के आवश्यक अध्ययन के लिये राजस्थान सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।

भारत ने इनबाउंड पर्यटन की भरपाई में तेजी लाने के लिए लंदन में वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (डब्ल्यूटीएम) 2022 में भाग लिया
मुख्य बातें •सचिव पर्यटन और यूके में भारत के उच्चायुक्त ने डब्ल्यूटीएम-2022 में भारतीय पवेलियन का उद्घाटन किया
•डब्ल्यूटीएम के भारतीय पवेलियन में 20 से अधिक प्रतिभागी •इस वर्ष की प्रदर्शनी का विषय है ‘यात्रा का भविष्य अब शुरू’
•भारत को एक बहु-उत्पाद के रूप में और डब्ल्यूटीएम में स्थिरता के साथ पूरे वर्ष गंतव्य के रूप में प्रचारित किया जाएगा
भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय लंदन में 7 से 9 नवंबर तक आयोजित वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (डब्ल्यूटीएम) 2022 में भाग ले रहा है, जो कि सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रदर्शनियों में से एक है। इस वर्ष की प्रदर्शनी का विषय ‘यात्रा का भविष्य अब शुरू’ है। डब्ल्यूटीएम में भारत की भागीदारी इनबाउंड टूरिज्म को महामारी से पहले के स्तर पर लाने के लिए महत्वपूर्ण है।
असम विश्वविद्यालय गैर-शिक्षण कर्मचारी संघ (AUNTEA) ने सोमवार को अपना उद्घाटन रजत जयंती कार्यक्रम मनाया, जिसके बाद साल भर की गतिविधियों और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता आंटी के अध्यक्ष सग्निक चौधरी ने की, जहां कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के तीसरे कुलपति प्रोफेसर सुभाष चंद्र साहा थे। प्रो साहा ने विश्वविद्यालय के साथ अपने लंबे जुड़ाव को व्यक्त किया और कहा कि वह असम विश्वविद्यालय के मित्र हैं जहां उन्होंने इसकी स्थापना के बाद से काम किया है।महासचिव पिनाक कांति रॉय ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों और आमंत्रितों का स्वागत किया और आंटी के लंबे इतिहास को याद किया।
AUNTEA के अध्यक्ष ने अपने मुख्य भाषण में असम विश्वविद्यालय और AUNTEA के गठन की चुनौतियों की व्याख्या की और भाषा शहीदों और ACKHSA के नेतृत्व में एक दशक लंबे आंदोलन के प्रति आभार व्यक्त किया, उन्होंने भारत में विश्वविद्यालय प्रणाली के विभिन्न मुद्दों और चुनौतियों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में महाविद्यालय विकास परिषद के निदेशक जयंत भट्टाचार्जी ने भाग लिया। सुप्रबीर दाता रॉय, परीक्षा नियंत्रक के अलावा अन्य।
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