यह कैंपस ऑप्टिकल-फाइबर के माध्यम से हाई-स्पीड इंटरनेट एक्सेस भी प्रदान करेगा, और इसमें फुटबॉल तथा क्रिकेट के मैदान और बास्केटबॉल कोर्ट जैसे खेल और मनोरंजन केंद्र भी होंगे
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग के नए परिसर का उद्घाटन किया। यह आईआईएम, शिलांग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि देश के आठ (8) उत्तर-पूर्वी राज्यों में छात्रों, शिक्षकों, नीति निर्माताओं और नौकरशाहों की काम आने वाला एकमात्र आईआईएम है।
इस नये परिसर में वे समस्त सुविधायें होंगी, जो कि देश के आठ उत्तर-पूर्वी राज्यों की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को सक्षम बनायेंगी। इस नये उमसावली परिसर में ऐसी अत्याधुनिक सुविधायें होंगी, जो उत्तर-पूर्वी राज्यों को भारत की मुख्यधारा के साथ जोड़ेंगी। इस नये परिसर में स्थापित ज्ञान केंद्र भारत के सबसे पूर्ण रूप से स्वचालित पुस्तकालयों में से एक होगा, जिसमें छात्रों और संकाय सदस्यों के लिए 40 से अधिक डेटाबेस ई-संसाधनों के रूप में सुलभ होंगे। यह छात्रों, फैकल्टी और स्थानीय नीति निर्माताओं एवं नौकरशाहों को 17,000 से अधिक ई-पत्रिकाओं को सुलभ करायेगा।

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यह कैंपस ऑप्टिकल-फाइबर के माध्यम से हाई-स्पीड इंटरनेट एक्सेस भी प्रदान करेगा, और इसमें फुटबॉल तथा क्रिकेट के मैदान और बास्केटबॉल कोर्ट जैसे खेल और मनोरंजन केंद्र भी होंगे।
इस परिसर का उद्घाटन करने के बाद माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रमुख बिजनेस स्कूल की सराहना की और कहा, “आईआईएम, शिलांग जैसे व्यावसायिक संस्थान पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए फायदेमंद होंगे। ऐसे संस्थानों के होने से आजीविका के और भी रास्ते खुलेंगे। “
आईआईएम,शिलांग के निदेशक, प्रो. डीपी गोयल ने इस अवसर पर कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति और हमारे इस नये भवन का उद्घाटन करने के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। मैं उन्हें उनके द्वारा दिये गये इस भाषण के लिए भी धन्यवाद देता हूं, जो हमें और भी कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा देता है। आईआईएम,शिलांग एक ऐसा थिंक-टैंक है, जो बिजनेस स्कूल होने के अलावा, पूरे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए काम करता है। यह भवन हमें अधिक से अधिक छात्रों को नामांकित करने, अधिकाधिक शोध करने और भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को समृद्धि प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और अधिक कुशलता से काम करने में सक्षम बनायेगा,यह एक ऐसा लक्ष्य है, जो माननीय प्रधानमंत्री की प्राथमिकता सूची में बहुत ऊपर है।”

अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईएम शिलांग, एसके बाजोरिया समूह के प्रमुख श्री शिशिर कुमार बाजोरिया ने इस अवसर पर कहा, “आज का दिन आईआईएम शिलांग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि माननीय प्रधानमंत्री ने इस 120 एकड़ के नये परिसर का उद्घाटन किया है। क्योंकि प्रकृति और शिक्षा यहां साथ-साथ चलते हैं,इसलिए यह परिसर,जिसे कि बादलों के बीच स्थित परिसर के रूप में भी जाना जाता है, प्रकृति की गोद में स्थित है और बेहतरीन शिक्षा प्रदान करता है।”
आईआईएम-शिलांग आठ उत्तर-पूर्वी राज्यों की सेवा करने वाला एकमात्र आईआईएम है। इस आईआईएम ने छात्रों को अपने साथियों के साथ नेटवर्क बनाने का अवसर देकर भारत में अन्य प्रबंधन स्कूलों के लिए प्रवृत्ति स्थापित कर दी है, जो एक दूसरे से सीखने और परिणाम के रूप में विकसित होने के लिए अपनी रुचियों, आकांक्षाओं और जुनून को साझा करते हैं।
4 जुलाई, 2008 को आईआईएम, शिलांग भारत का सातवां आईआईएम बन गया, जिसमें 63 छात्रों ने पोस्ट-ग्रेजुएट प्रोग्राम (PGP) में दाखिला लिया। अपनी छोटी सी शुरुआत के बाद से ही आईआईएम, शिलांग ने 309 छात्रों को नामांकित किया और 2,500 से अधिक स्नातक तैयार किये हैं, जो कि पूरी दुनिया में बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए काम करते हैं। आईआईएम,शिलॉन्ग में पढ़े छात्रों की इन उपलब्धियों में लोरियल ब्रांडस्टॉर्म, विप्रो-अर्थियन, टाटा स्टील-ए-थॉन, सीएफए एथिक्स चैलेंज, पीडब्ल्यूसी चैलेंज, गूगल केस चैलेंज, टाइटन एलिवेट और आदित्य बिड़ला स्कॉलरशिप जैसी उपलब्धियां शामिल हैं। आईआईएम,शिलांग अपने छात्रों को प्रशिक्षण, अनुभव तथा ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप के माध्यम से व्यवसाय की दुनिया में उत्कृष्टता प्राप्त कराने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करता है।


