खाद्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी यह योजना पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर चार राज्यों, आंध्रप्रदेश, गुजरात,महाराष्ट्र और तेलंगाना में लागू की गई है। इन राज्यों में अंतर-राज्यीय राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लागू है।
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केंद्र की मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में एक ओर बड़ी योजना लागू करने जा रही है। दरअसल मोदी सरकार एक देश एक राशन कार्ड’ योजना को जल्द लागू करने की तैयारी में है। इस योजना के लागू होने के बाद लाभार्थी देशभर में किसी भी सरकारी राशन दुकान से कम कीमत पर अनाज खरीद सकते है। इस स्कीम पर खाद्यमंत्री रामविलास पासवान 9 अगस्त को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुला सकते हैं। सरकार इस योजना को जून 2020 तक लागू करेगी।
खाद्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी यह योजना पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर चार राज्यों, आंध्रप्रदेश, गुजरात,महाराष्ट्र और तेलंगाना में लागू की गई है।
इन राज्यों में अंतर-राज्यीय राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लागू है। यहां लाभार्थियों का राशन कार्ड अगर आधार से लिंक है तब, वे अपना राशन कार्ड किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हम इसतरह का पायलट प्रॉजेक्ट्स अन्य राज्यों में लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।
इस योजना से खासतौर पर प्रवासी मजदूर, जो अक्सर नौकरी की तलाश में एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते रहते हैं, उन्हें लाभ मिलेगा। अभी जो व्यवस्था है, उसमें राशन कार्ड होल्डर अपने राज्य में तय राशन दुकान से ही अनाज और चीनी खरीद सकते हैं।
अधिकारी ने बताया कि इस योजना से मोदी सरकार सभी राशन कार्ड के लिए केंद्रीय भंडार बनाकर और उन्हें आधार से जोड़कर फुल पोर्टेबिलिटी की सुविधा देगी। उनके मुताबिक इससे लाभार्थियों को आसानी होगी क्योंकि वे किसी एक राशन दुकान से खरीदारी के लिए मजबूर नहीं रहने वाले है। इससे दुकान मालिकों पर उनकी निर्भरता भी घटेगी और भ्रष्टाचार घटाने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारी ने कहा, हम इस योजना को एक तय समयसीमा में लागू करने पर विचार कर रहे हैं। केंद्र ने इंटीग्रेटेड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के कुशल प्रबंधन के लिए राज्यों से डिपो, गोदामों और राशन दुकानों को कंप्यूटर से जोड़ने का आदेश दिया है। अभी 23.51 करोड़ राशन कार्डों से 79.50 करोड़ लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है। इनमें से 19.50 करोड़ कार्ड आधार से जुड़े हैं।
अधिकारी ने बताया कि सभी राशन कार्डों के आधार से लिंक होते ही और सभी राशन की दुकानों, डिपो को कंप्यूटर से जोड़कर ऑनलाइन पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लागू करते ही हम इस योजना को लागू करने में सक्षम हो जाएंगे।
आंध्रप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा जैसे राज्यों ने पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट की मदद से लाभार्थियों को राज्य में किसी भी उचित दर की दुकान से अनाज खरीदने की अनुमति देनी शुरू कर दी है।
अधिकारी ने बताया कि इनमें आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना दूसरे राज्यों से आगे चल रहे हैं। इन तीन राज्यों के लाभार्थी इनमें से किसी भी राज्य में सरकारी राशन दुकान से अनाज खरीद सकते हैं।


