अगस्त का महीने खत्म होने में अब महज 5 दिन का समय बचा है। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आ रही है। 31 अगस्त तक इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है।
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$cat_ID is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 378
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$category_count is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 379
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$category_description is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 380
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$cat_name is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 381
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$category_nicename is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 382
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$category_parent is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 383
रिटर्न दाखिल करना सालों से कठिन माना जाता रहा है क्योंकि इसमें लोगों को अपने आय से लेकर संपत्ति तक का ब्यौरा देना पड़ता है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। भारत में हर साल रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।
अगर आप भी आखिरी समय की जल्दबाजी से बचना चाहते हैं तो अपना रिटर्न जल्द फाइल कर दें। आखिरी समय में कई बार जल्दबाजी के कारण गलती होने की आशंका बनी रहती है। जरा-सी गलती की वजह से कई एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाते हैं। ऐसे में इनकम टैक्स रिटर्न सही तरीके से भरा जाए ये बेहद जरूरी होता है। आइए जानते हैं कैसे आईटीआर फाइल कर सकते हैं।
सबसे याद रखें कि सभी टैक्सपेयर्स को रिटर्न दाखिल करते समय अपना 12 अंकों का आधार नंबर और 10 अंकों का पैन नंबर भी भरना जरूरी है। टैक्सपेयर्स इन दो तरीकों से आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
ई-फाइलिंग करते समय गलती न हो इसके लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आपका नाम, पता, जन्म तिथि, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर को निश्चित कॉलम में ठीक ढंग से भरें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया थोड़ी सी जटिल है। किसी भी गलत सूचना की स्थिति में भविष्य में समस्याएं हो सकती हैं।
सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाकर अपना इनकम टैक्स अकाउंट लॉग-इन करना होगा। लॉग-इन करने के बाद ई-फिलिंग इनकम टैक्स रिटर्न का ऑप्शन आएगा। आप इसमें आकलन वर्ष के आधार पर डेटा भरें। इसके बाद रिटर्न सबमिट करें और फिर इसे ई-वेरिफाई करें।
संभल कर दाखिल करें इनकम टैक्स रिटर्न
रिटर्न भरने के बाद इसका वेरीफिकेशन बहुत जरूरी होता है। जब तक आपका रिटर्न वेरीफाइड नहीं हो जाता तब तक रिटर्न की प्रक्रिया अधूरी रहती है। टैक्सपेयर्स के पास रिटर्न को वैरीफाई करने के लिए दो तरीके होते हैं। पहला या तो इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बाद इसकी वेरिफिकेशन रसीद आप 120 दिनों के भीतर सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) बंगलुरु को भेज दें। इसके अलावा अपने रिटर्न को ऑनलाइन वेरीफाई करने का आसान तरीका भी है, जिसे आप नेट बैंकिंग, डीमैट अकाउंट, आधार नंबर और बैंक अकाउंट डिटेल्स से कर सकते हैं।
अगर आप रिफंड के लिए दावा नहीं कर रहे हैं तब भी आपको अपने बैंक खाते की सही जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। ई-फाइलिंग करते समय अपने बैंक का नाम, खाता संख्या, आइएफ़एससी और एमआईसीआर कोड को दोबारा जरूर चेक कर लें।
बहुत से लोग अपने सभी बैंक खातों की जानकारी नहीं देते, जिनसे उन्होंने उस वित्तीय वर्ष में लेन देन किया है। ऐसा करना गैरकानूनी है, क्योंकि आयकर विभाग ने अपने अधिनियम में साफ तौर पर कहा है कि टैक्सपेयर्स को अपने नाम पर पंजीकृत सभी बैंक खातों की जानकारी देना जरूरी है।
गलत रिटर्न फाइल होने का सबसे बड़ा कारण है जब आप अपनी आमदनी की सही-सही जानकारी नहीं देते। अगर आपको सैलरी के अलावा दूसरे स्रोतों जैसे आपके घर के किराए, कमीशन, डोनेशन, शार्ट टर्म कैपिटल गेंस से इनकम होती है, तो इसकी जानकारी आईटीआर में जरूर देनी चाहिए।
अपनी इनकम की सही कैलकुलेशन करने के लिए आपको ई-फाइलिंग के दौरान फार्म में सभी कॉलम सावधानी से भरने होंगे। अगर कम्प्यूटर में दिया गया रिजल्ट आपके दिए गए आंकड़ो से मेल नहीं खाता है तो आप दी गई डिटेल्स को दोबारा चेक जरूर कर लें।


