कारगिल युद्ध में विजय को 20 साल हो गए हैं। हर साल 26 जुलाई को देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर सेना प्रमुख बोले- कारगिल जैसा दुस्साहस दोबारा न करे पाकिस्तान।
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$cat_ID is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 378
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$category_count is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 379
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$category_description is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 380
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$cat_name is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 381
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$category_nicename is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 382
Deprecated: Creation of dynamic property WP_Term::$category_parent is deprecated in /home4/krctib8j/public_html/hindi/wp-includes/category.php on line 383
मुख्य बातें
- आज हिंदुस्तान के लिए गर्व का दिन है
- देश करगिल युद्ध के वीरों को नाम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहा है
- आज के ही दिन हिंदुस्तान के जवानों ने पाकिस्तान पर फतह हासिल की थी
- भारत मां के जांबाज सपूतों ने पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जबाब देते हुए उसे पीछे खदेड़ दिया था
- करीब तीन महीने चले भारत और पाकिस्तान के युद्ध आज 20 वर्ष पूरे हो गए हैं
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के बड़े नेताओं ने करगिल दिवस के मौके पर शहीदों को याद किया
- सेना प्रमुख बोले-कारगिल जैसा दुस्साहस दोबारा न करे पाकिस्तान
- कश्मीर में कट्टरपंथी विचारों को फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल सेना सीमा की सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार
देश इस साल कारगिल विजय की 20वीं वर्षगांठ बना रहा है। कारगिल युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। भारत ने 1999 में मई-जुलाई के बीच पाकिस्तान से कश्मीर के करगिल में ये युद्ध लड़ा। 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय हासिल की। कारगिल में करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर ये लड़ाई लड़ी गई। इस जंग में देश ने लगभग 527 से ज्यादा योद्धाओं को खोया वहीं 1300 से ज्यादा घायल हुए थे।
देश उन रणबांकुरों का हमेशा ऋणी रहेगा, जिनके शौर्य व बलिदान के कारण देश की सीमाएं सुरक्षित हो सकीं। कारगिल युद्ध के दौरान सभी सैनिकों ने अद्भुत वीरता का परिचय दिया, जिनकी वजह से भारत 1965 और 1971 के बाद एक बार फिर पाकिस्तान को धूल चटाने में सफल रहा।
शहीदों को नमन
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कारगिल विजय दिवस के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शहीदों को नमन करते हुए कहा है कि हम उनके आजीवन ऋणी रहेंगे।
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘कारगिल विजय दिवस पर मां भारती के सभी वीर सपूतों का मैं हृदय से वंदन करता हूं। यह दिवस हमें अपने सैनिकों के साहस, शौर्य और समर्पण की याद दिलाता है। इस अवसर पर उन पराक्रमी योद्धाओं को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जय हिंद!’’
प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘वर्ष 1999 में
कारगिल युद्ध के दौरान मुझे कारगिल जाने और हमारे बहादुर सैनिकों के साथ एकजुटता
दिखाने का अवसर मिला था। यह उस समय की बात है जब मैं जम्मू-कश्मीर और हिमाचल
प्रदेश में अपनी पार्टी के लिए काम कर रहा था। कारगिल जाना और वहां सैनिकों से
बातचीत करना मेरे लिए अविस्मरणीय है।’’
मोदी ने ट्विटर पर सैनिकों के साथ अपनी कुछ फोटो भी पोस्ट किया।
इसके अलावा उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर कारगिल युद्ध के दौरान सैनिकों
की वीरता की प्रशंसा की और देशवासियों के सहयोग को याद किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से कारगिल के शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि दी। सिंह आज सुबह नौ बजे इंडिया गेट स्थित युद्ध स्मारक पहुंचे और मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले देश के वीर सपूतों को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद यशो नायक और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने भी शहीदों को नमन किया।
कारगिल विजय दिवस के जश्न से पहले द्रास पहुंचे भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में अपनी नापाक साजिश रोकने की हिदायत दी है।
द्रास में कारगिल वार मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद जनरल रावत ने कहा, ‘कश्मीर में छद्म युद्ध जारी रहेगा और इसे देखते हुए हमें अपने सैनिकों को निगरानी उपकरणों को लैस करते हुए उन्हें ताकतवर बनाने की जरूरत है। इसके अलावा ओवर ग्राउंड वर्कर्स पर नकेल कसने की आवश्यकता है।’ कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद फैलाने के सवाल पर जनरल ने कहा कि कश्मीर मुद्दे को जीवंत बनाए रखने के लिए पाकिस्तान हताशा भरे कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा पर शांति एवं सद्भाव बढ़ रहा है और स्थिति नियंत्रण में है।

सेना प्रमुख ने कहा कि हम पाकिस्तान को यह बताना चाहते हैं कि चाहे वह किसी
भी ऊंचाई के बारे में सोचे, हम उस ऊंचाई पर उनसे मुकाबला करेंगे और इसका नजारा
पाकिस्तान कारगिल के युद्ध में भी देख चुका है। पाकिस्तान ने उस वक्त भारतीय सेना
और सरकार की इच्छाशक्ति को नहीं पहचाना था और बड़ी हिमाकत कर दी थी।
‘पाकिस्तान को
बैकफुट पर ढकेला‘
सेना प्रमुख ने आगे
कहा, ‘आज हमारे पास अत्याधुनिक उपकरण मौजूद हैं और हम उन ऊंचाईयों पर पूरी तरह से
तैयार रहते हैं जहां के बारे में पाकिस्तान सोच सकता है।’ सेना प्रमुख ने यह भी
कहा कि सारे देश को पता है कि एलओसी और अन्य स्थानों पर दूसरी ओर से क्या हो रहा
है और हम हर स्थान पर पाकिस्तान को बैकफुट पर ढकेलते रहे हैं।


