भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने रविवार, 25 अगस्त को वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हरा दिया। वे इस टूर्नामेंट के 42 साल के इतिहास में चैम्पियन बनने वाली पहली भारतीय बन गईं। पीएम मोदी और खेल मंत्री किरेन रिजिजू बोले- पीवी सिंधु भारत को आप पर गर्व है।
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- पीवी सिंधु ने नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराया
- सिंधु 2017 में इसी टूर्नामेंट में ओकुहारा से फाइनल हारी थीं
- मोदी ने कहा- सिंधु की सफलता अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी
ओलम्पिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु ने रविवार को स्विट्जरलैंड कें बासेल में आयोजित बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप-2019 के फाइनल में दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इसके साथ ही सिंधु ने इतिहास रच दिया। वह इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें पायदान पर काबिज सिंधु ने ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-7, 21-7 से पराजित किया। यह मुकाबला 37 मिनट तक चला। सिंधु ने 2018, 2017 में रजत और 2013, 2014 में कांस्य पदक जीती थीं।
बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में पीवी सिंधू का यह पांचवां पदक है। लेकिन, इस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक उन्होंने पहली बार जीता है। सिंधू दो साल पहले इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन तब वे ओकुहारा से हार गईं थी। रविवार को पीवी सिंधू ने ओकुहारा को ही एकतरफा मुकाबले में पराजित कर दो साल पहले की हार का बदला भी लिया। पीवी सिंधू रियो ओलंपिक में रजत पदक भी जीत चुकी हैं।
मोदी ने सिंधु को बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु को इस जीत पर बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘अति प्रतिभावान पीवी सिंधु ने एक बार फिर भारत को गौरवान्वित किया है। बीडब्ल्सूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के लिए मेरी तरफ से उनको बधाई। जिस जुनून और लगन के साथ वह बैडमिंटन खेल रही हैं वह प्रेरणादायक है। पीवी सिंधु की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करेगा।’
केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने पीवी सिंधु के स्वर्ण जीतते ही ट्विटर पर उन्हें बधाई देते हुए लिखा, ‘बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर पीवी सिंधु ने इतिहास रच दिया है। भारत को पीवी सिंधु पर गर्व है। मेरी ओर से उन्हें ढेर सारी बधाई। सरकार ऐसे ही और चैम्पियन बनाने के लिए खिलाड़ियों को हर तरीके की सुविधाएं और सहायता देना जारी रखेगी।’
इससे पहले भारतीय खिलाड़ियों में साइना नेहवाल 2015 के फाइनल में हार गई थीं। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी 2011 में महिला डबल्स में कांस्य जीती थी। सिंधु से पहले बी साई प्रणीत ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2019 में कांस्य पदक अपने नाम किया। वह 1983 के बाद इस टूर्नामेंट में कोई पदक जीतने वाले पहले पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। आखिरी बार 1983 में प्रकाश पादुकोण ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।

गौरतलब है कि पांचवीं सीड सिंधु ने सेमीफाइनल में चीन की चेन यू फेई को 21-7, 21-14 से हराया। इससे पहले क्वार्टरफाइनल में दूसरी सीड ताइपे की ताई जू यिंग को हराया था। सिंधु लगातार तीसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचीं थी। इससे पहले 2018 में उन्हें स्पेन की कैरोलिना मरीन और 2017 में जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ खिताबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पदकों की संख्या के मामले में सिंधू ने चीन की पूर्व ओलंपिक चैंपियन झांग निंग के रिकार्ड की बराबरी की है। सिंधू ने दो कांस्य पदक के साथ टूर्नामेंट के पिछले दो सत्र में दो रजत पदक भी हासिल किए हैं।


