पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का रविवार को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ यहां निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और उनके सैकड़ों प्रशंसक तथा पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। जेटली के बेटे रोहन ने चिता को मुखाग्नि दी।
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आज राजनीति के एक युग का अंत हो गया। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने अनंत सफर पर रवाना हो गए। बीजेपी के संकटमोचक अरुण जेटली का पूरे राजकीय सम्मान के साथ 25 अगस्त को अंतिम संस्कार कर दिया गया। अरुण जेटली के बेटे रोहन ने उन्हें मुखाग्नि दी। निगम बोध घाट पर पत्नी, बेटी के साथ पूरा मोदी मंत्रिमंडल मौजूद था। योग गुरु रामदेव के साथ साथ विपक्ष का हर बड़ा छोटा नेता निगम बोध घाट पर अरुण जेटली को आखिरी विदाई देने पहुंचा था।
इससे पहले अरुण जेटली के अंतिम संस्कार में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा कांग्रेस और अन्य दूसरे दलों के नेता भी शामिल हुए। मुखाग्नि से ठीक पहले मौसम तेजी से बदला और जोरदार बारिश होने लगी। जेटली के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए बीजेपी मुख्यालय से निगम बोध घाट फूलों से सजी तोप गाड़ी में ले जाया जाया गया।
भाजपा के संकटमोचक को अंतिम विदाई देने के लिए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, योग गुरु बाबा रामदेव और विपक्ष के कई दिग्गज नेता पहुंचे। सभी ने नम आंखों से अपने दोस्त को विदाई दी। विदेश यात्रा पर होने की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरुण जेटली के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। बहरीन में अपना दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा था कि मैं यहां इतनी दूर हूं और मेरा दोस्त अरुण चला गया।
इससे पहले जेटली के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर उनके कैलाश कॉलोनी स्थित आवास से दीन दयाल उपाध्याय स्थित भाजपा मुख्यालय लाया गया। भाजपा मुख्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ता अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कतार में खड़े थे और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा जेटली तेरा नाम रहेगा’ तथा ‘जेटली जी अमर रहें’ जैसे नारे लगा रहे थे।

इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री प्रफ्फुल पटेल, दूतावासों के अधिकारियों तथा कई अन्य नेताओं ने कैलाश कालोनी में जेटली को श्रद्धांजलि दी । जेटली को श्रद्धांजलि देने के लिए कल से ही लोगों का तांता लगा हुआ रहा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओंर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, डॉ। हर्षवर्धन, चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
गौरतलब है कि पिछले बीस वर्षों के दौरान जेटली ने वाणिज्य, सूचना प्रसारण, कानून, कंपनी मामले, वित्त, रक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। वे हर बार नई ऊर्जा और रणनीति के साथ भाजपा की राजनीति को नई धार प्रदान करते नजर आये। इस साल मई में जेटली ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में कोई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। जेटली ने शनिवार दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे 66 वर्ष के थे। किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुके जेटली कैंसर से पीड़ित थे।


